Tuesday, 23 April, 2013

स्मार्ट फोन के जरिये स्मार्ट हो रहे गाँव वाले


रेखा पचौरी

गाँवों में आजकल एक नजाऱा आम है। युवाओं के समूह को   फोन  पर इंटरनेट पर नये नये ऐप्स डाउनलोड करते भी देखा जा सकता है। भारत गाँवों का देश है। देश में होने वाले किसी भी विकास की लहर गाँवों में भी पहुँचती है। अब स्मार्टफोन  (वे मोबाइल फोन  होने हैं जिन इंटरनेट चल सकता है) को ही ले लीजिए जो धीरे धीरे  भारत के गाँवों की तस्वीर बदल रहे हैं बदलाव की ये रफ़्तार  भले ही धीमी हो पर इससे आने वाले वक्त का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। चाहे वो गाने डाउनलोड करना हो या फेसबुक पर गाँव के बैकग्राउण्ड में खिंची फोटो का अपडेट, आज के ग्रामीण युवा इस मामले में किसी से भी पीछे नहीं रहना चाहते। फेसबुक पर उनकी सक्रियता एक अच्छे बदलाव का संकेत देती है। 


मोबाइल का बढ़ता प्रयोग इंटरनेट प्रयोगकर्ताओं की संख्या को बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है और गाँव इस बदलाव के साक्षी बन रहे हैं। सिस्को के मुताबिक वर्ष 2016 में पूरे विश्व में करीब 10 अरब मोबाइल फ ोन होंगे। इन्टरनेट ने मानव सभ्यता के विकास को एक नया आयाम दिया है। तकनीक संक्रामक होती है। किसी संक्रमण की तरह ही फैलती है और भारत में इन्टरनेट एक क्रांति की तरह आगे बढ़ रहा है। मोबाईल पर इंटरनेट के बढ़ते चलन का एक बड़ा कारण इसका यूजर फ्रें डली होना है और कंप्यूटर पर इंटरनेट चलाने के मुकाबले इसमें किसी अन्य उपकरण और बिजली की अलग से आवश्यकता नहीं होती। रही सही कसर सस्ते चायनीज मोबाईल ने पूरी कर दी है जिनकी पहुँच गाँवों में लगातार बढ़ रही है।  ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड कनेक्शन की आधारभूत अवस्थापना का विस्तार ने होने से फोन  पर इंटरनेट एक बेहतर विकल्प साबित हो रहा  है। हालंाकि गाँवों में इंटरनेट शहरों के मुकाबले उतनी तेजी से लोगों तक नहीं पहुँच रहा है 'इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन' के अनुसार , भारत में कुल ग्रामीण जनसंख्या का केवल 2 प्रतिशत हिस्सा अब इंटरनेट का प्रयोग करने लगा  है। अब चूंकि भारत में 60 प्रतिशत आबादी अब भी शहरों से दूर है तो अभी के लिए यह आंकड़ा बेहद कम है। ग्रामीण इलाकों के युवाओं को अभी भी इंटरनेट के इस्तेमाल के लिए दूर जाना पड़ता है। मैकिन्जी कंपनी के एक नये अध्ययन के अनुसार वर्ष 2015 तक भारत की जीडीपी यानि कि सकल घरेलू उत्पाद में 100 बिलियन डॉलर का योगदान इंटरनेट का होगा जो कि अभी के योगदान से लगभग तिगुना है। भारत में दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले अधिक इंटरनेट उपभोगकर्ता जुडेंग़े और पूरी जनसंख्या का 28 प्रतिशत इंटरनेट को इस्तेमाल करेगा। यह चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा समूह होगा। पर ग्रामीण इलाकों की बात करें तो  9 प्रतिशत जनसंख्या इसका लाभ उठा पायेगी। इससे गाँवों में करीब 22 मिलियन के रोजग़ार का जन्म होगा। अभी तो केवल 60 लाख के आसपास है।


स्मार्टफोन पहुंचा रहे हैं गाँवों में इन्टरनेट 

 मैकिन्जी एंड कंपनी द्वारा किये गये एक अध्ययन के अनुसार 2015 तक भारत में इंटरनेट को प्रयोग करने वालों की संख्या लगभग 35 करोड़ से भी ज्यादा हो जायेगी। भारत के मोबाईल धारकों की ये संख्या अमेरिका की वर्तमान जनसंख्या से भी अधिक होगी  जिनमें  सबसे बड़ा योगदान स्मार्टफोन  का रहेगा। 

गूगल का एक सर्वे बताता है कि अभी भारत में स्मार्टफोन  का प्रयोग करने वाली जनसंख्या अमेरिका के 24.5 करोड़ के मुकाबले आधी से भी कम है। अभी भारत के केवल आठ प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर है। संभावना है कि 2015 तक 350 करोड़ इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों में अधिकतर लोग मोबाइल के जरिये ही इंटरनेट का प्रयोग करेंगे। इस रिपोर्ट में महिलाओं की फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट पर भागीदारी के बारे में भी बताया गया। अभी 29 प्रतिशत महिलाएं फेसबुक का प्रयोग कर रही हैं जो आगे जाकर 50 प्रतिशत होने की संभावना है। अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार यूनियन (आईटीयू) के आंकड़े कहते हैं कि बीते 4 वर्षों में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 77 करोड़ बढ़ी है। ट्विटर संदेश भेजने के एक नये माध्यम के रूप में उभर रहा है और फेसबुक के सदस्यों की संख्या में इजाफा हुआ है। मोबाइल ब्रॉडबैंड कनेक्शन 7 करोड़ से बढ़कर 67 करोड़ तह पहुँच गयी है। मैंकिन्जी के एक नये अध्ययन के अनुसार भारत में जीडीपी में इंटरनेट का बीते पाँच वर्षों में 5 प्रतिशत का योगदान रहा है जबकि ब्राजील, चीन जैसे देशों में यह केवल 3 प्रतिशत है। 

   आईटीयू के आंकड़े ये भी कहते हैं कि विकसित देशों में हर तीसरा व्यक्ति इंटरनेट का प्रयोग कर रहा है वहीं भारत जैसे विकासशील देशों में 5 में से 4 व्यक्ति अब भी इंटरनेट की इस सुविधा से दूर हैं  भारत में आर्थिक, सामाजिक असमानता के कारण डिजिटल डिवाइड की समस्या बेहद गंभीर हो जाती है। अभी भी यहाँ प्राथमिकता में रोटी, कपड़ा और मकान है। गाँवों में भी जीवन यापन करने के लिए व्यक्ति को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए अभी भी उनकी सोच में अच्छा खाना और आर्थिक स्तर पर बेहतरी होना है। इंटरनेट को भी प्राथमिकता में लाना सरकार का काम है क्योंकि वैश्विक स्तर पर बराबरी के लिए मूलभूत सुविधाओं में इंटरनेट का होना भी अब जरूरी हो गया है।



ताकि गाँव भी उठाएं तकनीक का फायदा 

गाँवों में भी अब जब स्मार्टफोन  आ ही गये हैं तो उनके इस्तेमाल के तरीके को जानने की भी जरूरत होती है। ये तो हम सभी मानते हैं  कि अच्छी शिक्षा किसी भी कार्य को बेहतरी से करने में सहायक होती है। तो  यह जानना जरूरी हो जाता है कि इस तकनीक का  प्रयोग किस तरह किया जाए जिससे ग्रामीण परिवेश के लोग इस तकनीक का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकें । फेसबुक पर केवल अपनी फ ोटो या फि र किसी और का स्टेटस शेयर कर देने से बात नहीं बनेगी। ये साइट्स केवल दोस्तों की संख्या बढ़ाने के लिए नहीं है बल्कि पूरे विश्व भर में कहीं भी किसी से भी आपके जुडऩे के लिए है जिससे आप कुछ नया देखें, सीखें। भारत के ग्रामीण इलाकों में स्मार्टफोन आज भी गाने या फि र नये नये एप्स डाउनलोड करने के लिए हैं। 

गूगल पर उपलब्ध जानकारी के अथाह संसार में अभी उन्हें गोते लगाना बाकी है। चूंकि गाँवों में खेती किसानी पर अधिक बल दिया जाता है तो किसान इंटरनेट पर खेती किसानी के नये नये तरीकों से भी वाकिफ़  हो सकते हैं। यूनिकोड फ ॉण्ट ने इंटरनेट पर अंगरेजी के एकाधिकार को खतम कर दिया है अब हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी बहुत सी जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध है यह तथ्य अलग है कि अभी ग्रामीण इलाकों में इस विषय पर जागरूकता काफ ी कम है । आप  अपनी समस्याऐं रख सकते हैं, उनके हल जान सकते हैं , ब्लॉग और सोशल नेटवर्किंग साईट्स आपके लिए जानकारियों का खजाना खोल सकते हैं , खेती में दुनिया में क्या नया प्रयोग  हो रहा है भारत के अनेक कृषि अनुसंधान केंद्र किस तरह के नए उन्नत तरीके विकसित कर रहे हैं । किसान कॉल सेंटर इस दिशा में  अच्छा काम कर रहे हैं । अब ग्रामीण युवाओं की बात, आज पूरे विश्व में अंग्रजी का बोलबाला है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस भाषा को सीखने समझने के लिए इंटरनेट एक अच्छा माध्यम हो सकता है। आपको गाँवों से कहीं भी दूर जाने की जरूरत नहीं है। बस चाहिए केवल एक स्मार्टफ ोन और देश-दुनिया की जानकारी आपके पास होगी। इंटरनेट को तरक्की का एक ज़रिया बनाया जा सकता है। रोजग़ार से सम्बन्धित ढ़ेरों जानकारियाँ  आपके लिए नये आयाम उपलब्ध कराती है।

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