Monday 27 May 2013

रोज़ाना काम आने वाले देसी नुस्खे

 दीपक आचार्य 

रोग उपचारों, दैनिक जीवनचर्या, रहन-सहन से लेकर हमारी हर एक गतिविधियों के लिए कहीं न कहीं हम पौधों पर आश्रित हैं। पौधे मानव जीवन का एक अमूल्य हिस्सा हंै और आदिकाल से पौधों और उनके तमाम अंगों को हम मनुष्य अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए उपयोग में लाते रहे हैं। प्राण वायु ऑक्सीजन देने की बात हो या राह चलते राही को छाँव, शरीर की भूख शाँत करने के लिए अनाज हों या जायकेदार व्यंजनों की तैयारी के लिए मसाले, पेड़-पौधों को किसी भी सूरत में हम खुद से भिन्न करने का दुस्साहस कर ही नहीं सकते। हमे अपना घरौंदा बनाना हो या पेट भरने के लिए खाना, जलाऊ लकड़ी हो या घर के फ र्नीचर, हर एक मौके पर हमें पेड-पौधों के सानिध्य की जरूरत होती है।  हजारों सैकड़ों सालों से वनों में रहने वाले वनवासी प्रकृति की  शरण में रहकर जीवन के असल आनंद का रस ले रहें हैं। सेहत की बेहतरी के लिए उन्हें किसी रसायन युक्त घातक दवाओं की जरूरत नहीं, प्रकृति के ऐसी हजारों सौगातें इन आदिवासियों के पास है जिनका सार्थक दोहन करके ये लोग अपनी समस्याओं के समाधान खोजते हैं। यहां पेश हैं कुछ समस्याओं और उनसे जुड़े देसी उपायों के बारे में जानकारियां-

चींटी भगाने के लिए लौंग

अक्सर शक्कर के डिब्बे और चावल के बोरों या चावल संग्रहित किए बर्तनों में चींटियों को घूमते फि रते देखा जा सकता है और इससे हम सभी त्रस्त हो जाते हैं। करीब 2-4 लौंग को इन डिब्बों में डाल दीजिए और फि र देखिए चींटियाँ किस तरह से नदारद होती हैं। अक्सर आदिवासी खाना पकाने बाद आस-पास 1 या 2 लौंग को बर्तनों के पास रख देते हैं, मजाल है आस-पास कोई चींटी भटके।

जूतों में चमक लाने का देसी उपाय

 क्या आप जानतें है कि अपने जूतों को काला और चमकदार बनाने के लिए आप जिस शू-पालिस को रोजाना इस्तमाल करते हैं, खतरनाक रासायनिक तत्वों से बनी होती है? चिंता ना करें, आदिवासियों के इस हर्बल ज्ञान को आप जानिए, आपके इर्द-गिर्द ही इसका प्राकृतिक उपाय है। करीब 4-5 ताजे गुड़हल, जासवंत के फ ूलों को अपने जूतों पर रगडिय़े और फि र देखिए कि किस तरह से आपके जूतों में रंगत आती है और जूते चमकदार हो जाते हैं।


 गज़ब का है सिरका

पारंपरिक ज्ञान की बात करें तो सिरका का इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर कई तरह से किया जाता है। कपड़ों की चमक बरकरार रखने के लिए कपड़ों को धोने वाले पानी में करीब डेढ़ कप सिरका डाल देना चाहिए। बर्तन को साफ  करने वाले साबुन में एक चम्मच सिरका डाल दिया जाए तो बर्तनों से चिकनाई तुरंत निकल जाती है। मछ्ली, प्याज या लहसुन आदि के सेवन के बाद थोड़ी सी मात्रा में सिरका हथेली पर लेकर रगड़ लिया जाए तो गंध छू-मंतर हो जाती है। 

नाखूनों की चमक और सुंदरता 

अरण्डी के तेल को नाखूनों की सतह पर कुछ देर हल्के हल्के मालिश करिए, प्रतिदिन सोने से पहले ऐसा किया जाए तो नाखूनों में जबरदस्त खूबसूरती और चमक आ जाती है। ऐसा करने से नाखूनों पर बन आए सफ़े द निशान या धब्बे (ल्युकोनायसिया) भी मिट जाते हैं।

घर बैठे बनाइए प्राकृतिक डिओडरेंट 

लगभग एक तिहाई कप सिरका (एसिटिक एसिड) और इतनी ही मात्रा में पानी लिया जाए और इसे अच्छी तरह से आपस में घोल लिया जाए और उबाल आने तक गर्म किया जाए। दूसरी तरफ  एक अलग बर्तन में 3 लौंग, धनिया और पुदीना की थोड़ी ताजी पत्तियाँ, लगभग 4 पत्तियाँ नीलगीरी की और एक ग्राम दालचीनी की छाल का चूर्ण लिया जाए। इन सभी को गर्म सिरके और पानी के गर्म घोल में डाला जाता है। तुरंत इसे छान लिया जाए और ठंडा होने पर बंद जार रखकर रेफ्रि जरेट कर दिया जाए।  प्रतिदिन नहाने के बाद थोड़ी मात्रा इस मिश्रण की लेकर अपनी बाहों और पसीना ज्यादा आने वाले शारीरिक अंगों पर लगाया जाए तो यह शरीर की दुर्गंध को खत्म करता है और पसीना आने का सिलसिला भी रोक देता है।

 कार के अंदर की गंध दूर करने के देसी नुस्खे

 दो बड़े कटोरे ले लीजिए, दोनो में नैप्किन या टोवेल रख दें, इस पर सिरका या जिसे विनेगर कहते है डालना शुरू करिए, ऐसा तब तक किया जाए जब तक कि नैप्किन या टोवेल पूरी तरह से सिरके को सोख ले, यानि गीला हो जाए। एक कटोरे को कार की अगली सीट के नीचे और दूसरा पिछ्ले सीट के फ़्लोर पर एक पूरी रात के लिए रख दिया जाए। अगले दिन सुबह सिरके को निचोड़ कर फ़ें क दिया जाए और कपड़े को धो लिया जाए, एक और रात के लिए यही प्रकिया अगली शाम को दोहरायी जाए, गंध दूर हो जाएगी। एक अन्य उपाय के अनुसार सेव काटकर टुकड़े तैयार किए जाएं और कप या छोटी कटोरी में डालकर कार की सीट्स के नीचे फ़्लोर पर रख दिये जाएं, एक दो दिन में ये टुकड़े सिकुड़ जाएंगे, फि़ र एक बार यही प्रक्रिया दोहरायी जाए, धीमे धीमे गंध दूर हो जाएगी। कार फ़्लोर पर कॉफ ी पाउडर छिड़क दिया जाए तो कार की गंध दूर हो जाती है।

सुपारी बनाए चमकदार दाँत

 सुपारी ज्यादा खाने से अनेक स्वास्थ्य समस्याएं होने की बात की जाती है किंतु कम लोग ही इस बात को जानते हैं कि सुपारी दाँतों की चमक बरकरार रखने के लिए आदिवासियों के एक पारंपरिक नुस्खे का अहम हिस्सा है। साफ -सुधरी सुपारी को बारीक पीस लिया जाए, इसमें लगभग 5 बूँद नींबू का रस और थोड़ा सा काला या सेंधा नमक मिलाया जाए और प्रतिदिन इस चूर्ण से मंजन किया जाए तो दाँत चमक उठते हैं।

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